शुक्रवार, मार्च १६, २००६
अमरीका के सैनिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि कुच ही महीनों में अबू ग्राएब जेल बन्द हो जाएगी और कैदियों को ईराक की दूसरी जेलों में भेज दिया जाएगा।
प्रसारण में अमरीकी सैनिकों ने आरोप लगाया कि अबू ग्राएब जेल में कैदी तब मारे गये जब अमरीकी सैनिकों के पास रबड़ की गोलियाँ खत्म हो गईं और वे असली गोलियों से फ़ायरिंग करने लगे।
द गार्डियन ने एक गुमनाम अमरीकी सैनिक अधिकारी के हवाले से खबर दी कि फ़ौज ने एस बी एस प्रसारित तस्वीरों का निरीक्षण किया है और पाया कि ये तस्वीरें सूचना की स्वतंत्रता अधिनिय्म के अन्तर्गत आती हैं जिसका अदालत से ए एस एल यू ने अनुरोध किया था।
सैलौन ने यह अनुभव किया कि अपराधिक जाँच कमन की कुछ फ़ाइलों में उन सी आई ए एजेंटों का उल्लेख है जिन्होंने अबू ग्राएब के कैदियों से पूछताछ की थी।
मार्क गार्लैस्को ने कहा कि वर्तमान स्थिति में जहाँ लम्बे समय के लिए सैनिकों को ईराक और अफ़्गानिस्तान में कार्य करना होता है, ऐसी कोई वजह नहीं कि स्वतंत्र अभियोजक दुरव्यवहार के आरोपों को न सुलझा सकें अगर बड़े अधिकारियों, जिन्होंने दुरव्यवहार की आग्या दी थी उन्हें, कोर्ट मार्शल होगा न कि उन्हें तरक्की दी जाएगी।
उन्होंने टेलिफ़ोन द्वारा जेल से ही प्रमाणित किया कि कुत्तों का प्रयोग करने की आग्या दी गई थी और असैनिक प्रश्नकर्ता भी इसमें शामिल था जो बताता था कि किन सैनिकों के कक्ष में जाना है।

