सम्मेलन में आये प्रेषक और अन्य जुड़े लोगों का मानना था कि प्रदूषण के कारण होने वाले ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को रोकने के लिये सन् 2012 से आगे का एक विनियामक समझौता सर्वसम्मति से बनाना इस सम्मेलन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अमरीका इससे सहमत है क्योंकि राज्य विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा “हम जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक ऐसा समझौता चाहते हैं जो पर्यावरण की दृष्टि से प्रभावी और आर्थिक रूप से स्थायी हो।
प्रेस को दी गई जानकारी में यू॰एन॰सी॰सी॰ सचिवालय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर अन्तर सरकारी पैनल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भूमंडलीय तापक्रम वृद्धि की समस्या को तुरन्त सुलझा लेना चाहिए और यह वैश्विक स्तर पर ही सम्भव है।
सेक्रेट्रिएट के प्रमुख युवो डी बोअर ने शुरू से ही इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक लक्ष्य-उत्सर्जन कटौती के बारे में सर्वसम्मति की कोई उम्मीद नहीं है।
बाली में हो रही वार्ता से उम्मीद है कि एक ऐसी तस्वीर (रोडमैप) उभर कर आएगी जिसमें गैस उत्सर्जन को सन् 2012 के बाद रोकने के लिए तैयार करना है, जब क्योटो प्रोटोकौल का यह चरण समाप्त हो जाएगा।
उन देशों का सम्मेलन है जो सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैस उतसर्जन करते हैं और यह पहली बार अमरीका के आग्रह पर इस साल शरद ऋतु में आयोजित की कई थी।

