संयुक्त राष्ट्र संघ ने घोषित किया कि हैती सरकार ने भूकंप के लिये किए जा रहे बचाव कार्य गड़े हुए लोगों को बचानेके लिये रोक दिये हैं।
बच्चों के व्यापार एक समस्या है। युनिसेफ़ कि बौविक्टौव नायलंड ने बताया कि रेड क्रौस ने अनाथ बच्चों का पंजीकरण शुरु कर दिया है और अस्थायी रूप से उन्हें अनाथालय भेजा जा रहा है।
अमरीका की सेना ने हैती में आए भूकंप पीड़ितों का परित्याग रोक गिया है। खबर है कि यह इसलिए किया गया है क्योंकि इस बात की अनिश्चितता है कि खर्चा कौन देगा।
एक सैनिक अधिकारी ने न्यू यार्क टाइम्स को बताया कि बुधवार को अमरीका के लिये उड़ान रद्द करनी पड़ी क्योंकि कुछ अमरीकी अस्पतालों में शरणार्थियों को लेने से मना कर दिया।
७.० मैग्निट्यूड का भूकंप १२ जनवरी को हैती में आया जिसँमें २००,००० लोगों की जानें गई। राजधानी पोर्ट-औ-प्रिन्स नष्ट हो गई। लगभग १० लाख लोग बेघर हो गए।
हैती में यूनिसेफ़ के प्रवक्ता हेंट पेज ने भी कहा कि आप बिना आग्या देश से बच्चा नहीं ले जा सकते चाहे आप किसी भी मुल्क मे हों।
संयुक्त राष्ट्र ने रिपोर्ट दी कि १२ जनवरी को हैती भुकंप में २२२५७०, मरे, १३०००० शरणार्थी हैं। बंदरगाह पर ७६६००० लोग बेघर हुए, ३१०००० घायल और ८६९ लोग लापता हैं।
