संयुक्त राष्ट्र के महा सचिव बैन की-मून ने कहा कि कितनी ग्रीन हाउस गैस घटानी है यह निर्णय बाली में चल रहे सम्मेलन के बाद तय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो समझौता क्योटो प्रोटोकौल की जगह लाया जाना है उसमें यह प्रवधान रखना कि कितनी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन हो एक जल्दबाजी वाला कदम होगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के लिए ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन की मात्रा तय करना अत्यन्त कठिन कार्य हैं। किन्तु भविष्य में कभी न कभी इस विषय पर निर्णय लेना आवश्यक है।
मन्त्रियों और राष्ट्र प्रतिनिधियों ने अपने भाषण में देशों को ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम करने का आग्रह किया। वैज्ञानिकों की दृष्टि से ईंधन बनाते समय निकलने वाली गैसें अधिक हानिकारक हैं।
दो हफ्तों की बहस के बाद इस वर्ष का जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संघ सम्मेलन अपनी तय तिथि शुक्रवार तक समाप्त होने की आशा है। अगर समझौता नहीं हुआ तो सम्मेलन शनिवार तक अल सकता है।
स्टेरोस डिमास ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूरोपियन यूनियन मेजर एमिटर्स मीटिंग (एम.ई.एम).
ई॰यू॰ और अन्य मुल्कों का मानना है कि लक्ष्य अभी निर्धारित कर लेना चाहिए जिससे भूमण्डलीय तापक्रम वृद्धि से लड़ने के लिए समय मिल सके किन्तु अमरीका के अनुसार लक्ष्य समझौते पर बहस शुरू होने के बाद निर्धारित होना चाहिए।
