युनाइटिड किंगडम ने ईरान के साथ सारी द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्थाओं पर रोक लगा दी है जब तक मामला सुलझ नहीं जाता ।
ईरान की मजलिस के उप प्रवक्ता मुहम्मद रेज़ा बाहोनार ने कहा कि अगर यह साबित हुआ कि ब्रिटिश नाविक ईरानी पानी में थे तो उन्हें उम्मीद है कि ब्रिटेन इस घटना के लिये माफ़ी माँगेगा।
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि वह १५ ब्रिटिश नाविक और मरीन जिन्हें छोड़ा जाना था उस फैसले को फिलहाल टाल रहे हैं ।
कोई चोट या हताहत की सूचना नहीं है। यूनाइटिड किंगडम ने ईरान के साथ सारी द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्थ​ओं पर रोक लगाई।
युरोपिय संगठन ने एक वक्तव्य जारी किया जिसमें उन्होंने इरान द्वारा बंधक बनाये गये ब्रिटिश नाविकों व मरीन को छोड़ने को कहा अन्यथा चेतावनी दी कि उपयुक्त कार्यवाही की जाएगी ।
२३ मार्च को युद्धपोत एच​एम​एस कौर्नवाल में १५ नाविक व मरीन एक जहाज का निरीक्षण कर रहे थे जो कि ईराकी पानी में था
रौयल मरीन बेस छिवनौर, देवौन में आयोजित पत्रकार सम्मेल्लन में १५ युनाईटिड किंगडम रौयल नेवी क्रियू की गिरफ़तारी के बारे में पह्ली हाथ जानकारी मिली।
जनरल फुलटन ने अपने प्रतिवेदन में परीक्षण, संचार में कमजोरियाँ बताईं और पशिक्षण बोर्डिंग के संचालन में सुधार के लिये कहा ।
