ब्रिटेन ने कहा कि वह सिपहियों की रिहाई के लिये कोइ समझौता या शर्त नहीं मानेंगे । 
कौम जो कि एक न्यूज़ वेबसाइट है जिसे अहमदीनेजाद के समर्थक चलाते हैं ने कहा कि "अगर​जासूसी के इल्ज़ाम साबित हुए तो कानून के तहत सख्त सज़ा हो सकती है । 
ईरान ने मंगलवार को कहा कि नाविक और मरीनों का अच्छा खयाल रखा जा रहा है और उनकी सेहत अच्छी है। 
ब्लेयर ने आगे कहा कि ब्रिटिश सरकार राजनैतिक तरीकों से इस मामले को सुलझाने की चेष्टा कर रही है। 
बयान मे आगे कहा कि सारे सबूत यह बतते हैं कि जिस समय ब्रिटिश नाविकों को पकड़ा गया उस समय वे ईराकी पानी में जश्त लगा रहे थे । और ईरान की हरकत को अन्तर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया । 
ईरान की मजलिस के उप प्रवक्ता मुहम्मद रेज़ा बाहोनार ने कहा कि अगर यह साबित हुआ कि ब्रिटिश नाविक ईरानी पानी में थे तो उन्हें उम्मीद है कि ब्रिटेन इस घटना के लिये माफ़ी माँगेगा। 
युनाइटिड किंगडम के मुताबिक जब उन्हें ईरानी गनबोट्स ने घेर लिया और बंधक बना लिया । ईरान के मुताबिक यू के की सेना ईरानी पानी में थी । ये १५ सैनिक अब भी हिरासत में हैं । 
कोर्नवाल के नाविक व मैरीन संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद के अंतरगत एक जहाज़ का निरीक्षण कर रहे थे क्योंकि उन्हें संदेह था कि यह जहाज़ कारों की तसकरी में लगा है। इस जहाज़ को बाद में छोड़ दिया गया जब उन्हें ईरानी गनबोट्स ने घेर कर पकड़ लिया। 
