कौर्न्वाल के नाविक और मरीन संयुक्त रष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अंतर्गत एक जहाज़ का निरीक्षण कर रहे थे जिसमें उन्हें संगेह था कि ईराक के अंदर कारों की तस्करी हो रही है। इस जहाज़ को निरीक्षण के बाद छोड़ दिया गया जब ईरान की गन बोट्स ने नाविकों को घेर लिया और बंगूक की नोंक पर बंधी बना लिया।ईरानी परिषद ने कहा कि ब्रिटिश सैनिकों ने उनके दफ्तर, जो कि शहर के गक्षिणी क्षेत्र में था उसे घेर लिया और हवा में गोलियाँ चलाने लगे। उन्होंने कहा यह उत्तेजनापूर्ण हरकत है और कहा कि सैनिकों की रिहाई का माम्ला इसकी वजह से मुश्किल मे पड़ सकता है। ब्रिटेन ने कहा कि ऐसा हुआ था पर वह एक भौगोलिक संयोग था और हवा में गोलियाँ न्हीं चली।ब्रिटिश फ़ौज के मेजर डेविड गैल ने कहा " एक गाड़ी उनकी गाड़ियों के पीछे आ गई। उस गाड़ी से गोलियाँ चलीं। हमने जवाबी फ़ायरिंग की। उस गाड़ी से कोई भी नीचे नहीं उतरा और वह गाड़ी गायब हो गई। इसका जगह से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक भौगोलिक संयोग है। कोई चोट या हताहत की सूचना नहीं है। यूनाइटिड किंगडम ने ईरान के साथ सारी द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्थ​ओं पर रोक लगाई।.कर्मचारियों को रिहा करने का समर्थन करते हैं।प्रधान मंत्री टोनी ब्लेयर के एक प्रवक्ता न कहा " हम ईरान को एक कोने में नही धकेल रहे हैं। हम सिर्फ़ यह कह रहे हैं कि सैनिकों को रिहा करो जिन्हें पकड़ा नहीं जाना चाहिये था। "युद्धपोत एच.एम.एस.