क्षेत्रीय और नौवाहन नियंत्रण ईरान-ईराक के बीच १९८० के दशक में युद्ध का कारण बनता रहा है । रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रौयल नौसेना नाविक नियमित ही इराकी प्रादेशिक समुद्र-तटों पर  वाणिज्य पोत परिवहन प्रचालनों  में लगे हुए हैं और​  संधिग्ध वस्तुओं के लिये बोर्डिंग औपरेशनों में लगे रहते हैं । और जब उनकी खोज समाप्त हुई तो उन्हें ईरानी सेनाओं ने घेर लिया । ईराकी मछुआरा जो सामने नहीं आना चाहता था , ने कहा कि उसने रस​-अल​-बीशा इलाका जो कि  उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में है ,यह देखा ।
ब्रिटेन के प्रधान मंत्री टोनी ब्लैर ने कहा " सबसे ज़रूरी काम हमारे लिये यह है कि हम अपने सैनिकों को सही सलामत वापिस ले आएँ पर इसके लिये हम कोइ सौदा नहीं करेंगे । जब आप ईरान सरकार से बात करते हैं तो आपको बार-बार उन्हें धैर्यपूर्वक समझाना पड़ता है कि उन्हें क्या करना है और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो जो कारवाही ज़रूरी है वह की जाएगी। आप अपर्हणित सैनिकों के लिये समझौता करके उनकी शर्त नहीं मान सकते।
" युरोपिय संगठन १५ ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर रखने की हरकत की निंदा करता है और ब्रिटिश सरकार की ओर अपना अटूट समर्थन दोहराता है । " युरोपिय संगठन यह भी दोहराता है कि तुरंत बिना शर्त ब्रिटिश रौयल समुद्री सैनिकों को छोड़ा जाये । अगर निकट भविष्य में उन्हें छोड़ा नहीं गया तो उपयुक्त कार्यवाही की जाएगी "   ऐसा युरोपिय संगठन के वक्तव्य ने कहा ।
जून२००४ 
